Types Of Fuse | फ्यूज कितने प्रकार के होते हैं ?

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Types Of Fuse: आज के समय में हमारे घरों में इतनी महंगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होती हैं जो अगर खराब हो जाए तो उन्हें रिपेयर करवाने के लिए हमें सोचना पड़ता है। इन उपकरणों के खराब होने की मुख्य रूप से दो स्थितियां होती हैं या तो उपकरण में आंतरिक खराबी आ जाए या फिर अत्यधिक विद्युत प्रवाहित होने के कारण उपकरण जल जाए।

यदि उपकरण विद्युत धारा के अत्यधिक प्रवाह के कारण खराब हो रहे हैं तो उन्हें रोकने का सबसे अच्छा साधन है कि घरों में फ्यूज लगवाया जाए।

अब यह फ्यूज क्या होता है? अगर आपको नहीं पता फ्यूज क्या होता है कितने प्रकार का होता है और किस प्रकार फ्यूज का घरों की वायरिंग में इस्तेमाल किया जाता है और यह फ्यूज किस तरह से हमारे उपकरण को बचाने में हमारी सहायता करते हैं तो इस आर्टिकल को अंत तक पढ़िए फ्यूज से जुड़ी हर एक जानकारी आपको प्राप्त हो जाएगी।

फ्यूज क्या होता है?

फ्यूज एक ऐसा उपकरण है जो विद्युत धारा के उसमें प्रभाव पर काम करता है। किसी भी फ्यूज में एक निश्चित मान की धारा प्रवाहित होती है यदि यह धारा उस निश्चित धारा के मान से अधिक होता है तो उसमें यह प्रभाव के कारण फ्यूज में लगा हुआ एलिमेंट पिघल जाता है जिससे कि घर की सप्लाई रुक जाती है। और घर के सभी उपकरण जो विद्युत से चलते हैं उन्हें किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचता।

फ्यूज को पावर सप्लाई के मैन वायर से मीटर के तुरंत बाद श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है। फ्यूज में लगा हुआ एलिमेंट काफी पतला होता है। जिसके कारण अत्यधिक पावर सप्लाई होने की स्थिति में यह वायर पिघल जाता है और धारा का प्रवाह टूट जाता है।

फ्यूज वायर को पतला इसीलिए रखा जाता है ताकि यदि किसी प्रकार की पावर सप्लाई में अधिकता हो तो यह वायर पिघल जाए यदि फ्यूज वायर की मोटाई अधिक रखी गई तो पावर सप्लाई की मात्रा इस वायर के द्वारा बढ़ जाएगी और इस स्थिति में या फ्यूज वायर अत्यधिक बिजली सप्लाई करेगा जिसके कारण घर में उपलब्ध सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खराब हो सकते हैं।

फ्यूज की संरचना

फ्यूज मुख्य रूप से तीन प्रकार की घटकों से मिलकर बना होता है जिनका विवरण नीचे दिया गया है –

  1. फ्यूज एलिमेंट
  2. फ्यूज कैरियर
  3. फ्यूज बेस

फ्यूज एलिमेंट (Fuse Element )

एलिमेंट फ्यूज का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है यह अलग-अलग प्रकार की धातु जैसे:- जिंक ,कॉपर ,सिल्वर ,टीम एल्यूमीनियम का बना हो सकता है। इसकी मोटाई अपेक्षाकृत कम रखी जाती है ताकि निश्चित मात्रा से अधिक धारा प्रवाहित होने पर यह जल जाए और धारा का प्रवाह रुक जाए। फ्यूज एलिमेंट फ्यूज कैरियर के साथ मध्यम रूप से कस दिया जाता है।

Fuse Wire

फ्यूज कैरियर (Fuse Carrier)

फ्यूज कैरियर फ्यूज का वह भाग होता है जिससे फ्यूज एलिमेंट जुड़ा होता है यह फ्यूज का आंतरिक भाग होता है जिसमें एलिमेंट को कसा जाता है और यह धातु का बना होता है इसकी बनावट अलग-अलग हो सकती है।

फ्यूज बेस (Fuse Base)

फ्यूज बेस फ्यूज का सबसे ऊपरी भाग होता है और यह किसी कुचालक का बना होता है मुख्य रूप से बेकलाइट, अभ्रक, चुना पत्थर इत्यादि के इस्तेमाल से इसे बनाया जाता है। फ्यूज बेस पर ही एलिमेंट और फ्यूज कैरियर लगे होते हैं।

Types Of Fuse

फ्यूज के प्रकार | Types Of Fuse

फ्यूज 5 प्रकार के होते हैं –

  1. प्लग फ्यूज
  2. किट केट फ्यूज या रिवायरएबल फ्यूज
  3. राउंड फ्यूज
  4. कार्ट्रिज फ्यूज
  5. HRC ( High Rupturing Capacity ) फ्यूज

प्लग फ्यूज (plug fuse)

प्लग फ्यूज प्लग के साथ ही जुड़ा होता है इसलिए इसे प्लग फ्यूज कहते हैं हलांकि ये कोई विशेष प्रकार का फ्यूज नहीं है बल्कि कार्टिज फ्यूज को प्लग के साथ लगा दिया जाता है जिसे हम प्लग फ्यूज कहते हैं। इसकी संरचना कुछ इस प्रकार होती है।

किट कैट फ्यूज

यह आमतौर पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाला चीज है। इस चीज को रिवायरेबल भी कहते हैं क्योंकि यदि इसका वायर जल जाता है तो इसे बड़ी आसानी से बदला जा सकता है। इसमें इस्तेमाल होने वाला वायरस मिश्र धातु से बना होता है जिसमें जिंक कॉपर सिल्वर एलुमिनियम आदि हो सकते हैं।

Kit-Kat Fuse

इस प्रकार के फ्यूज के 3 भाग होते हैं पहले भाग को एलिमेंट कहते हैं, दूसरे भाग को फ्यूज कैरियर कहते हैं जिससे फ्यूज एलिमेंट जुड़ा होता है, और तीसरा भाग चीनी मिट्टी अथवा किसी और कुचालक से बना होता है जिसे हम कहते हैं।

इसका इस्तेमाल घरों मैं सबसे ज्यादा किया जाता है साधारण भाषा में इसे पथरी भी बोला जाता है। घरों में 5 Amp/250v और 15amp/250v और बड़े कारखानों में 330 एंपियर /440 बोल्ट तक की विद्युत प्रवाह के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।

राउंड फ्यूज (Round Fuse)

इस फ्यूज का आकार गोलाकार होता है इसीलिए इसे राउंड फ्यूज कहा जाता है। दूसरे की तुलना में इस फ्यूज का इस्तेमाल करना थोड़ा खतरनाक होता है क्योंकि इसकी एक सिरे से हमेशा फेस वायर जुड़ा रहता है जिसके कारण एलिमेंट के जल जाने की स्थिति में उसे बदलना थोड़ा मुश्किल होता है। इसका बेस गोलाकार होता है। और दोनों सिरों पर फ्यूज कैरियर होता है जिससे फ्यूज एलिमेंट को जोड़ दिया जाता है और एक कवर द्वारा बंद कर दिया जाता है।

ROund Fuse

कार्ट्रिज फ्यूज

इस प्रकार के फ्यूज का इस्तेमाल मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किया जाता है जैसे टीवी। इसकी संरचना दूसरे फ्यूज से अलग होती है। इसके दोनों सिरे पीतल अथवा टिन धातु के बने होते हैं और यह आकार में बेलनाकार होता है।

फ्यूज एलिमेंट को एक कांच के अंदर एक विशिष्ट प्रकार के पाउडर के साथ डाल दिया जाता है जो विद्युत धारा प्रवाहित होते समय चिंगारी बनने से रोकता है।

एलिमेंट के दोनों सिरे पीतल अथवा टीम की धातु वाले कवर से जुड़े होते हैं। और यह पूरी तरह से पैक होता है। इसमें इस्तेमाल होने वाला पाउडर विद्युत धारा प्रवाहित होने पर सफेद कवर के रूप में दिखता है लेकिन यदि फ्यूज एलिमेंट जल जाए तो यह कला होकर कांच के सतह पर चिपक जाता है।

Cartridge Fuse

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जिससे की पता चल जाता है की फ्यूज वायर ख़राब हो गया है। यह फ्यूज अकार में छोटे होते हैं और इनका इस्तेमाल घरों में नहीं बल्कि सीधा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किया जाता है ताकि यदि बाहरी फ्यूज न काम करे तो ये जल जाए और उपकरण सुरक्षित रहे।

HRC ( High Rupturing Capacity ) फ्यूज

यदि इस फ्यूज की संरचना की बात करें तो यह फ्यूज कार्ट्रिज फ्यूज की तरह ही होता है। इस फ्यूज की मुख्य विशेषता है कि यह धारा के अत्यधिक प्रभाव अथवा शार्ट सर्किट होने की स्थिति में कुछ देर तक खराब नहीं होता। अतः कार्ट्रिज फ्यूज के मुकाबले इसकी क्षमता अधिक होती है। इस फ्यूज में भी पाउडर भरा जाता है और पूरी तरह से पैक होता है ताकि इसपर वातावरण का कोई प्रभाव न पड़ सके।

HRC Fuse

फ्यूज के गुण | Properties Of Fuse

  • फ्यूज वायर की गलनांक कम होना चाहिए।
  • फ्यूज वायर लंबाई में कम होना चाहिए।
  • फ्यूज का बेस अच्छी क्वालिटी के चीनी मिट्टी से बना होना चाहिए।
  • फ्यूज कैरियर में उपयोग होने वाली धातु शुद्ध होनी चाहिए।
  • फ्यूज वायर की प्रतिरोधक क्षमता कम होनी चाहिए।
  • फ्यूज वायर का ऑक्सीकरण कम होना चाहिए।

फ्यूज के लाभ | Advantages Of Fuse

  • फ्यूज मुख्य लाभ यह है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को लगभग 100% सुरक्षा प्रदान करता है।
  • फ्यूज की कीमत बहुत कम होती है।
  • फ्यूज को बदलना बहुत आसान होता है।
  • फ्यूज शॉर्ट सर्किट से बचाता है।

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निष्कर्ष

इस आर्टिकल के माध्यम से हमने जाना की फ्यूज के कितने प्रकार होते हैं। कैसे फ्यूज को बनाया जाता है और इसकी संरचना में कौन से मैटेरियल का इस्तेमाल किया जाता है साथ ही साथ हमने उससे जुड़ी बहुत सारी जानकारियां इस आर्टिकल के माध्यम से प्राप्त की। मैं उम्मीद करता हूं आपको जानकारी देने में सफल रहा है। अगर आपको जानकारी अच्छी लगी तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं और इस प्रकार की और जानकारी के लिए हमारे इस वेबसाइट को विजिट करते रहिए धन्यवाद।

फ्यूज से जुड़े सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल

फ्यूज का आविष्कार किसने किया था ?

फ्यूज का आविष्कार थॉमस अल्वा एडिसन ने सन 1890 ईस्वी में किया था।

फ्यूज क्या कार्य करता है?

किसी भी प्रकार के फ्यूज का मुख्य कार्य होता है कि विद्युत धारा का मान आवश्यकता से अधिक होने की स्थिति में परिपथ को तोड़ देना ताकि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बच जाए।
फ्यूज घर में पहुंचने वाले मेन वायर से श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है और इसमें इस्तेमाल होने वाले तार की गलनांक बहुत कम होती है ताकि यदि धारा की मात्रा अधिक हो तो तार गल जाए और परिपथ में बहने वाली धारा का मान शुन्य हो जाए।

फ्यूज में सबसे अधिक कौन से धातु के तार का इस्तेमाल किया जाता है ?

फ्यूज में सबसे अधिक तांबे के तार जिसे हम कॉपर वायर कहते हैं का इस्तेमाल किया जाता है। तांबे के तार की चालकता अधिक होती है और यह तर बाजार में आसानी से उपलब्ध है इसी कारण से फ्यूज में तांबे के तार का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।

फ्यूज वायर का गलनांक कैसा होना चाहिए ?

फ्यूज किसी भी प्रकार का हो लेकिन फ्यूज वायर की गलनांक क्षमता कम होनी चाहिए

फ्यूज वायर की प्रतिरोधक क्षमता कैसी होनी चाहिए ?

किसी भी प्रकार के फ्यूज की प्रतिरोधक क्षमता काम होना चाहिए।

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